"कजाकिस्तान का बड़ा फैसला: अब सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब और बुर्का पूरी तरह बैन, कट्टरपंथ पर सख्त प्रहार"
"कजाकिस्तान का बड़ा फैसला: अब सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब और बुर्का पूरी तरह बैन, कट्टरपंथ पर सख्त प्रहार"
हिजाब बन new--- आपको बता दे कि इंडोनेशिया, पाकिस्तान, मलेशिया से लेकर ईरान तक ऐसे ही तमाम सारे इस्लामिक देशों में बुर्का को पहनने को लेकर बहुत सारी न्यूज सुनी ही होगी लेकिन इन सभी देशों में एक ऐसा देश भी है जो लोग बुर्का को पहनने को लेकर कट्टर हैंl अब उनके मुंह पर सीधा तमाचा जड़ा है आपको बता दें कि जिस देश ने बुरखे पर बैन लगाया है वह कजाकिस्तान है आपको बता दें कि कभी सोवियत संघ क हिस्सा रहे इस द इस मुस्लिम देश सार्वजनिक स्थानों पर जाने के लिए बुर्के पर ही रोक लगा दी है और यह मामला काफी गंभीर भी है अगर कोई भी बरखा महिला धार्मिक स्थलों पर पाई जाती है तो उसके ऊपर चार्ज और दंडनीय अपराध भी लगा सकते हैं कट्टरपंथियों के मुंह पर एक बेहतरीन तमाचा मारते हुए कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा हम अपने देश में स्वतंत्रता और समानता देखना चाहते हैं ना की भिन्नता देखना चाहते हैं ।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
और वहां के राष्ट्रपति ने कहा अगर हमें समानता लानी है तो इसमें हिसाब बुर्के ढकने जैसे किसी चीज की जरूरत नहीं है और महिलाओं को बुर्के जैसी और किसी सामग्री को पहनने की जरूरत नहीं है इस फैसले पर वहां के राष्ट्रपति ने मोहर लगा दिए और इस संपूर्ण बहुमत दिया हैl आपको बता दें कि इसके अलावा और भी कई देशों ने बुरखे पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है आपको बता दे इसमें कजाकिस्तान उज़्बेकिस्तान यह दो देश शामिल है।
कजाकिस्तान का क्या कहना?
और कजाकिस्तान का या कहना है की खुले स्थानों पर भी महिलाओं को बरखा पहनने की इजाजत नहीं दी जा सकती है और किसी भी सामग्री से मुंह ढकने की इजाजत भी नहीं होगी ऐसे में सर से लेकर पैर तक हिजाब से लेकर कुर्ते तक सभी सामग्रियों पर बैन लगा दिया गया है आपको बता दें कि जो कोई भी बीमार व्यक्ति होगा उसके लिए हिजाब से लेकर बुर्का तक कोई पाबंदी नहीं रहेगी मौसम और किसी संस्कृत रिवाज के दौरान आप ऐसा कर सकते हैं हिसाब और बुर्का पहन सकते हैं सरकार ने साफ बता दिया है कि हिसाब और नकाब जैसी इस्लामी चीजों की धार्मिक स्थल पर कोई जरूरत नहीं और उन्होंने य़ह भी यह परंपराएं किसी विदेश में धार्मिक चीजों से जुड़ी रही होगी लेकिन यहां इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी l।
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पहले क्या संदेश दिया था?
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पहले भी यह संदेश और संकेत दिया था कि यह हिजाब और बुर्का आप प्रचलित पोषक हैं और कट्टरपंती वादी लोग ने इस मुस्लिम महिलाओं पर थोपा थाl वहां के राष्ट्रपति ने कहा कजाकिस्तान की संस्कृत और आचार्य विचार ऐसे नहीं है कि कट्टर पत्तियों की धमकी के कारण पिछले कुछ सालों से बुरखे और हिजाब पहनने की संख्या बढ़ती ही जारी है कट्टरपंथी को रोकने के लिए और समानता लाने के लिए कानून यह बड़ा कदम उठा रहा है।
आपको बताने की कजाकिस्तान ने स्कूल में छात्राओं पर हिसाब और बरखा पहनने पर पाबंदी लगाई थी और सन 2023 में सभी छात्राओं और टीचर पर भी यह पाबंदी लगाई गई थी तब लाखों को छात्रों ने पढ़ाई को छोड़ने का फैसला लिया था लेकिन वहां की सरकार ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि ऐसे पहनावे को लेकर लोगों की आधुनिक सोच नहीं बदल सकते हैं।
Disclaimer इस न्यूज़ से किसी संस्था या किसी धार्मिक स्थल या धार्मिक अवस्था से कोई लेना-देना नहीं केवल न्यूज़ है जो मेरे द्वारा प्रसारित की जा रही है
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